a seed to plant today
Sunday, July 7, 2019
लगता तो है यूँ ही कि
ज़माना ख़ुद समझदार है मगर
अपनी होशियारी बघारे बिन
ये दिल है कि मानता नहीं
वह भी सच था, जब समझते थे- जी ना पायेंगे तुम बिना
यह भी सच है, इक अर्सा जीना पड़ा हमें- इक दूजे के बिना
No comments:
Post a Comment
‹
›
Home
View web version
No comments:
Post a Comment