Sunday, September 30, 2018
अधूरी तमन्नायें ..
अभी की पीढ़ियाँ खुशहाल ज़िंदगी की तमन्ना तो करती हैं , मगर इसके लिए अपना कुछ देने को तैयार नहीं। एक बेसुध सा जीवन सबका है। मजहबी लोग , धनवान लोग , राजनेता , सेलेब्रिटीस जिनके व्यभिचार , व्यक्तिगत भोगलालसायें अनेकों बार जग जाहिर भी हुए हैं किंतु सब उनके फेन होते हैं।
(नोट - उर्दू हर्फ़ , इंटेंशनली प्रयुक्त किये गए हैं )--राजेश चंद्रानी मदनलाल जैन
Friday, September 28, 2018
मौत आई तो वजह बस बहाना था
सच तो यह कि सब छोड़ जाना था
न चाहो भी ज़िंदगी का खेल तो चलना है
फिर क्यूँ न हम इसमें मजा लेना सीख लें
कह के कि 'अच्छा हम कहते हैं' - यह शौक पूरा कर लें हर दौर में मगर - आगे बढ़ के कहने वाले हुआ करते हैं
ज़िंदगी , क्यूँ मासूम मैं - तुझसे शिकायत किया करता हूँ तेरी मर्जी है , जो देना - तू वही बस तो मुझे दिया करती है
सच तो यह कि सब छोड़ जाना था
यूँ तो
ज़िंदगी तो कुछ भी न होने से चलती देखी है
मगर
कुछ के न होने से ज़िंदगी सी लगती नहीं है
कह के कि 'अच्छा हम कहते हैं' - यह शौक पूरा कर लें हर दौर में मगर - आगे बढ़ के कहने वाले हुआ करते हैं
ज़िंदगी , क्यूँ मासूम मैं - तुझसे शिकायत किया करता हूँ तेरी मर्जी है , जो देना - तू वही बस तो मुझे दिया करती है
Thursday, September 27, 2018
प्यार , दया-करुप्यार , दया-करुणा आधारित हो
सच्चा प्यार होता है
उसमें दैहिक आकर्षण प्रमुख हो जाए वासना हो जाता है
मोहब्बत की भाषा भी नहीं समझते तुम
इतना नासमझ तुम्हें खुदा ने बनाया क्यूँ
बेवफ़ा हम होते तुरंत शिकवा कर देते तुम
वफ़ा हमने निभाई जिक्र ही नहीं करते तुम
उनकी हम - सिर्फ शिकायत किया करते हैं
तारीफ़ भी हैं उनमें - क्यूँ अनदेखी करते हैं
न हो उसका नुकसान कोई - जिन्हें हमारी कदर नहीं
हो ज़िंदगी के मंसूबे पूरे उनके - हमें उनकी कदर है
जो चीज खो गई - आज ज़माने भर से
कद्र करो कि हममें - वह सादगी बाकी है
मोहब्बत है - फासलों की अहमियत नहीं
फासले गर अखरें - उसे वासना समझना
णा आधारितप्यार , दया-करुणा आधारित हो
उसमें दैहिक आकर्षण प्रमुख हो जाए वासना हो जाता है
मोहब्बत की भाषा भी नहीं समझते तुम
इतना नासमझ तुम्हें खुदा ने बनाया क्यूँ
बेवफ़ा हम होते तुरंत शिकवा कर देते तुम
वफ़ा हमने निभाई जिक्र ही नहीं करते तुम
उनकी हम - सिर्फ शिकायत किया करते हैं
तारीफ़ भी हैं उनमें - क्यूँ अनदेखी करते हैं
न हो उसका नुकसान कोई - जिन्हें हमारी कदर नहीं
हो ज़िंदगी के मंसूबे पूरे उनके - हमें उनकी कदर है
जो चीज खो गई - आज ज़माने भर से
कद्र करो कि हममें - वह सादगी बाकी है
मोहब्बत है - फासलों की अहमियत नहीं
फासले गर अखरें - उसे वासना समझना
सच्चा प्यार होता है
उसमें दैहिक आकर्षण प्रमुख हो जाए
वासना हो जाता है
हो
सच्चा प्याप्याप्यार , दया-करुणा आधारित हो
सच्चा प्यार होता है
उसमें दैहिक आकर्षण प्रमुख हो जाए
वासना हो जाता है प्यार , दया-करुणा आधारित हो
सच्चा प्यार होता है
उसमें दैहिक आकप्यार , दया-करुणा आधारित हो सच्चा प्यार होता है उसमें दैहिक आकर्षण प्रमुख हो जाए वासना हो जाता हैर्षण प्रमुख हो जाए
वासना हो जाता है
उसमें दैहिक आकप्यार , दया-करुणा आधारित हो सच्चा प्यार होता है उसमें दैहिक आकर्षण प्रमुख हो जाए वासना हो जाता हैर्षण प्रमुख हो जाए
वासना हो जाता है
र , दया-करुणा आधारित हो
सच्चा प्यार होता है
उसमें दैहिक आकर्षण प्रमुख हो जाए
वासना हो जाता है र होता है
उसमें दैहिक आकर्षण प्रमुख हो जाए
वासना हो जाता है
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