Saturday, October 31, 2015

नारी मन में सम्मान , महत्व ,समानता अनुभूति

नारी मन में सम्मान , महत्व ,समानता अनुभूति
--------------------------------------------------------
माँ ,बन जन्म देती , बहन ,बन जिम्मेदार होने कहती
पत्नी ,मर्यादा भीतर बाँधती ,बेटी ,त्याग साहस कराती 

नारी प्रति कृतघ्न नहीं रहें ,हमें उनका कृतज्ञ रहना है
नारी आदर सुखद समाज सूत्र ,हमें यही बस कहना है
जिस पुरुष के मन में नारी गुणों प्रति आदर भाव रहता है
घर में आदरणीय होता ,बाहर भी वह आदरणीय बनता है

नारी से प्रेरणा मिलती है जिसे ,पुरुष वह महान बनता है
जीवन में सद्कर्म से अपने ,जग पथप्रदर्शक वह बनता है

नारी प्रति कर्तव्य निभाता ,सम्मान ,सुरक्षा नियत कराता
ध्रुवीकरण अच्छाई पीछे करवा ,भला एक इतिहास रचाता 
नारी मन में सम्मान , महत्व ,समानता अनुभूति करा कर
नारी मन में पुरुष मान बढ़ा कर समाज सुखी वह कर जाता
--राजेश जैन
01-11-2015
https://www.facebook.com/narichetnasamman

करवा चौथ व्रत महिमा

करवा चौथ व्रत महिमा
--------------------------
पति -पत्नी के रिश्तों को खत्म करने के
परस्पर रिश्ते बीच ,आदर खत्म करने के
धूर्त कामुक ताकतों के षडयंत्रो के उत्तर में
रिश्ता पुष्ट करता ,करवा चौथ व्रत काफी है

सुखी जीवन के वृक्ष की जड़ में परिवार मधुरता होती है
पति-पत्नी प्रेम से रहते जिस घर उसमें मधुरता होती है
घर परिवार सुखी जिस समाज में ,राष्ट्र प्रगति करता है
पति-पत्नी ,सुखद रिश्ता सुखी विश्व नींव रच सकता है

जिसकी नहीं करवा चौथ में आस्था ,वह व्रत रखे बिन रह सकता है
लेकिन किसी की आस्था का मखौल , सभ्यता परिचय नहीं देता है
तोंडे ना करवा चौथ रखती नारी का मनोबल अपने किसी कुतर्कों से
यह पत्नी-पति बीच सुखी जीवन ,सम्मान भावना को पुष्ट करता है
--राजेश जैन
31-10-2015
https://www.facebook.com/narichetnasamman/

Thursday, October 29, 2015

मोहा उन्होंने मुझे


मोहा उन्होंने मुझे
--------------------
होते हैं पुरुष अच्छे , पुरुष धर्म निभाया करते हैं
गृहस्थी कर्तव्य के भार ,कंधों पर लिया चलते हैं
धन्य मैं पति मिले ऐसे ,मेरे लिए आदर रखते हैं
सारे दुःख दूर रहे मुझसे ऐसे यत्न किया करते हैं

मोहा उन्होंने मुझे ,साथ बना रहे कामना रख रहीं हूँ 
करवा चौथ व्रत रखके ,उनमें श्रध्दा प्रकट कर रही हूँ

छिछोरे भी पुरुष होते , दायित्व न निभाया करते हैं
ये पुरुष ,छिछोरापन नारी मन में भर दिया करते हैं

करवा चौथ का उपहास उड़ाने ,ये माहौल बनाते हैं
नहीं रखे व्रत कोई ,निष्प्रभावित मैं व्रत रख रही हूँ
कहते बार बार जन्म होता ,हर बार मिलें ये ही मुझे
प्रार्थना ,कामना मन लिए ,फिर उपवास कर रही हूँ
--राजेश जैन
30-10-2015
https://www.facebook.com/narichetnasamman

 

करवा चौथ व्रत -2

करवा चौथ व्रत -2
---------------------
आधुनिका भी मैं , विवेकवान भी मैं हूँ
पति-पत्नी अटूट साथ पे विश्वास रखूँगी

आया जीवन में पुनः करवा चौथ पर्व
होता आया परंपरा से ,मै उपवास रखूँगी
आपके दीर्घ जीवन एवं जन्मों के साथ
सहित सुखद जीवन की ,कामना करुँगी

मेरे शिकवे शिकायत आपसे ,प्रियवर
क्यों रहते हैं यह आज स्पष्ट करुँगी 
आप नहीं बैरी ,आप तो हो प्यार मेरा
कलह से ठेस लगे ऐसा कुछ ना करुँगी 

समझ ,साहस एवं पुरुष बल से आपके
साथ में सम्मान , सुरक्षा मुझे मिलेगी
इस विश्वास के साथ ,छोड़ मायरा आई
कि ख़ुशी मेरे साथ आपको भी मिलेगी

मधुर पलों में दोनों को ख़ुशी अनुभव हुईं हैं
देख क्लांत कई मौके आपको ,पीड़ा मुझे हुई है 
अपेक्षायें आपको मुझसे ,मेरी भी कुछ हुईं हैं
पूर्ण की मैंने ,आपने तब मुझे भी ख़ुशी हुई है
--राजेश जैन
29-10-2015
https://www.facebook.com/narichetnasamman/
 

Wednesday, October 28, 2015

करवा चौथ व्रत


करवा चौथ व्रत
------------------
उपलब्ध में किया श्रृंगार अधिकतम
दिन में ग्रहण भी न किया न्यूनतम
चन्द्रमा साथ पति मुख निहारा और
कामना की सुहाग आयु रहे दीर्घतम

आँखों से देख पत्नी मुख पर आभा
सुन जीवनसंगिनी की मधुर प्रार्थना
आदर ,प्रेम लेना चाहिए ह्रदय हिलोरें
स्पर्श से अनुभव हो समर्पिता याचना

प्राचीनकाल से निभा रही व्रत रख कर
पति इसे पत्नी धर्म मान के भूल गया
त्याग ,कठिन व्रतों से साथ की आशा
पुरुष अहं में चूर उदासीन हो भूल गया
--राजेश जैन
28-10-2015
https://www.facebook.com/narichetnasamman/

Tuesday, October 27, 2015

पति पत्नी परस्पर उपहास ,क्या सिर्फ मजाक है ?

पति पत्नी परस्पर उपहास ,क्या सिर्फ मजाक है ?
-----------------------------------------------------
कैसा बदलाव आज यह भारत में दिमाग पर छाया
मान पे आती पहले ,जब किसी ने पत्नी को उठाया
आज रावण को जलाते जलाने वाले ,कहकर कि तूने
सीता मैया की जगह मेरी पत्नी को क्यों नहीं उठाया

यही चला आधुनिकता के नाम पर कुछ समय तो
होंगे परिवार खत्म ,बिना सुखद समाज व्यवस्था के
क्या कल्पना है इसकी ,क्या भान अपने दायित्वों के
बनाया ज्ञानियों ने ,तुम मिटाते व्यभिचार राह चल के 

सोचें हम , मिटे अगर पति पत्नी के रिश्ते तो
सिर्फ नर मादा ही जाने जाएंगे आगे जन्मने वाले
--राजेश जैन
27-10-2015
https://www.facebook.com/narichetnasamman


 

Monday, October 26, 2015

सर्वोच्च हितैषी खोया हमने

सर्वोच्च हितैषी खोया हमने
--------------------------------
दुःस्वप्न जिसने जीवन भर हमें डराया था
पिछले वर्ष कटु यथार्थ हो सामने आया था
नियति आपको पापा ,दूर ले गई हम सबसे
छिना स्नेह आशीर्वाद जो हम पर छाया था

होते पापा ,आज हम मनाते बर्थ डे आपका
शुभकामना दे ,हम पाते आशीर्वाद आपका
सत्ताईस अक्टूबर पहले ऐसे ना आया था
हमेशा सानिध्य , शुभाशीष हमने पाया था

लाचार हैं , दुःखी हैं आपकी यादों में गुम हैं
कैसे बिताये दिन ,बिन आप ,गम में हम हैं
पापा ,जीवन में सर्वोच्च हितैषी खो दिया हमने
छत्रछाया बिन कटु यथार्थ अनुभव किया हमने
(हमारे पूज्य पापा की आज जन्म तिथि , उनके नहीं रहने बाद आई है -
पुण्य स्मरण और हमारे श्रध्दा सुमन )
--राजेश जैन
27-10-2015
https://www.facebook.com/PreranaManavataHit