Sunday, May 12, 2019

अच्छा कोई इसे कहता अच्छा कोई उसे कहता
इस-उस के विवाद में बस अच्छा कोई न करता

बहुत सा समझा हमने थोड़ा कुछ और समझ जायेंगे
फिर भी ज़िंदगी के अनेक रहस्य नासमझे रह जायेंगे

Friday, May 10, 2019

एक सच्ची बात, किसी की ज़िंदगी बदलने के लिए काफी होती है
इस लक्ष्य से लिखीं कई बात की, लिखने वाले के लिए माफ़ी होती है

ख़ुद से जो मुलाकात करले बिरले ही कुछ होते हैं
ख़ुद को जिसने जान लिया खुदा उनको कहते हैं

Wednesday, May 8, 2019

देर न लगेगी तुम दुनिया से गुम हो जाओगे
गुम हो जाना मगर तुम उसूल न गुमने देना

हमारी ज़िंदगी में तुम क्यूँ हमारे राज हुए
राजदार होकर हर कोई हम पर हँसता है

हमारी ज़िंदगी में तुम क्यूँ हमारे राज हुए
राजदार हमारा जो होता वही हम पर हँसता है

यह गुलिश्तां डिज़ाइन कुछ यूँ है कि
महकने के लिए नई कली होना होता है 

Saturday, May 4, 2019

कई मायूस कि - हम मशरूफ उनके ख्यालों में हैं
हम मायूस कि - वे मशरूफ़ किन्हीं और ख्यालों में हैं

Friday, May 3, 2019

चार दिनी ज़िंदगी के इस सफ़र में एहतियात रखी
कि मेरी ख़ुशियाँ औरों की ख़ुशी की राह नहीं काटें

जब सवाल तेरी मेरी ख़ुशियों में तकरार का आया
अपने लिए थोड़ी ख़ुशी मंजूर कर तकरार को टाला 

Thursday, May 2, 2019

तुमसे मोहब्बत की थी हमने, यह जिम्मेदारी थी तुम पर
निकाह करते-न करते, हमारी ख़ुशी का तुम इंतजाम करते

बेपनाह मोहब्बत हमसे महज़ शेखी थी तुम्हारी
निक़ाह न कर सके तो ज़माने में रुसवा कर दिया

तेरा साथ था हासिल मुझे
मैं खौफ़जदा रहता था
बदकिस्मती साथ खोया,
ख़ुशकिस्मती बेख़ौफ़ जिया करता हूँ


Wednesday, May 1, 2019

ज़िंदगी के पर्चे में कई सवाल और विकल्प जबाब थे
अब जाँच रहे हैं कि हमने कितने विकल्प ग़लत चुने

ख़्वाहिश नहीं कि मेरी मय्यत में भीड़ का सैलाब लगे
गर दो अश्क़ तन्हाई में तुम बहाओ ये मेहरबानी होगी