Tuesday, November 13, 2018

प्यार
आप अपने लिए - करना , सोचना
हम आपके लिए - करेंगे , सोचेंगे 

Monday, November 12, 2018

लियाक़त उसमें भी है - साबित करने के उसे मौके नहीं
आप बताओ - अपनी लियाक़त ज़ब्त रख जी सकते हो

सब कुछ हम ही हासिल कर लें तो-  ख़ुशी हमें कहाँ होगी
हासिल होने पर औरों के चेहरे की - ख़ुशी दिखलाई कहाँ देगी
हासिल कुछ आप
हासिल कुछ हम करें

मेरा उनमें खो जाना - यूँ बेहतर था
खो कर मैंने - अपना जहां पाया था

तोड़ ले जा सकें - मेरे पुष्पों को गुजरने वाले
खुशियों के पुष्प मेरे - जमीं के इतने करीब हों

Sunday, November 11, 2018

जीवन एक प्रयोगशाला - प्रयोग स्वयं करने होंगे
तुझे मिले भिन्न मसले - तुझे स्वयं खोजने होंगे

मुनासिब नहीं, कमी अपनी इल्ज़ाम औरों पर
मुनासिब है, हम मिज़ाज खुद का दुरुस्त करें

Saturday, November 10, 2018

'जान से ज्यादा चाहते हैं' - निबाहने की तुम हक़ीक़त पता करना
फिर तुम कह ना पाओगे - तुम्हारे लिए चाँद सितारे ला सकता हूँ

कहते थे ख़्याल ओ ख़्वाब में मेरा होना पसंद है तुम्हें
हम ख़्वाब से हक़ीक़त हुए अब तो तुम बदहाल क्यूँ हो

सीना ताने वो चल रहे हैं - जिनमें नफ़रत भरी हुई है
लिहाज़ , अदब में झुके हैं हम - सीने में मोहब्बत रखते हैं

वक़्त की बेरहमी नहीं कहेंगे कि - हम जुदा हो गए
शुक्रगुज़ार हैं वक़्त के - ज़िंदगी में मिलाया था हमें

होश सम्हाला और ज़िंदगी में मोहब्बत बनी पसंदगी
इक ख़्वाहिश पैदा हुई दिल में कि मोहब्बत से सब रहें

Friday, November 9, 2018

टुकड़े पचास तो -
नफ़रत से कोई भी कर देगा
है कुव्वत तुझमें? -
मोहब्बत से एक करके बता

ख़ुद के दिल की समझना ,
दिल की कर लेना आसान है मगर
कुव्वत तो जब ,
औरों के दिल की समझें - उनके दिल की कर दें हम

इत्मीनान है कि आलम मोहब्बत का होगा
सबमें इंसान ही तो है यह जागेगा भी कभी

रिश्तों में तल्ख़ी की वज़ह फक्त एक
भूलनी थी जो बातें दिल में रख बैठे हैं

लफ्ज़ तो हमने भी लिखे लाज़वाब थे
गर लब आपके पाते मिसाल हो जाते 
अपनी मोहब्बत में वह मुक़ाम हमने पाया है
आपकी हर भूल को नज़रअंदाज हमें करना आया है

काश! आबशार मोहब्बत के हम हर जगह बना सकते
नहाते  सब जिसमें और नफ़रत दिल से मिटा सकते
आबशार - झरना

शिकायतें, अज़ीयतें तुम पर करें कैसे कि- हम तुमसे प्यार करते हैं
मजबूरियाँ, परेशानियाँ तुम्हारी समझें कि- हम तुमसे प्यार करते हैं
अज़ीयत - अत्याचार

Wednesday, November 7, 2018

अपनी मोहब्बत में वह मुक़ाम हमने पाया है
आपकी हर भूल को नज़रअंदाज हमें करना आया है

काश! आबशार मोहब्बत के हम हर जगह बना सकते
नहाते  सब जिसमें और नफ़रत दिल से मिटा सकते
आबशार - झरना

शिकायतें, अज़ीयतें तुम पर करें कैसे कि- हम तुमसे प्यार करते हैं
मजबूरियाँ, परेशानियाँ तुम्हारी समझें कि- हम तुमसे प्यार करते हैं
अज़ीयत - अत्याचार