Wednesday, November 7, 2018

#निजी_दुनिया
"ख़्वाब ओ ख़्याल" की बेहतर दुनिया है
जिसमें सब हम से मोहब्बत करते हैं 
अरमां है जिसके सब के सब
औरों के लिए
शिकस्त या जीत भी उसकी
होती नहीं खुद के लिए 

Monday, November 5, 2018

#निजी_दुनिया
"ख़्वाब ओ ख़्याल" की बेहतर दुनिया है
जिसमें सब हम से मोहब्बत करते हैं 

Sunday, November 4, 2018

ना तुम्हारी शबीह पास - ना ही तुमसे मिलने के सिलसिले हैं
ख़्वाब ओ ख़याल में नाम रह गया - तुम्हारी शक़्ल नदारद है
शबीह- तस्वीर\\

हमारे इतराने की फक्त इक वजह
कि तुम हो इस जहां में हमारे लिए




डाई, लिपस्टिक, पावडर, विग और ये मॉडर्न मुखौटों का फैशन
फिर क्यूँ है हमें शिकायत कि- आज इंसान असली नहीं मिलता

न भीड़ में होना है मुझे - न गिर्द भीड़ लगाना ही , है पसंद मुझे
बस सरल सादा इक इंसान हूँ - इंसान रहना ही , है पसंद मुझे

बदहाल कहना ठीक नहीं
हाल इश्क़ में यह हुआ है


Thursday, November 1, 2018

किसी की औलाद , किसी के भाई - किसी के शौहर , किसी के बाप
ऊपर एक इंसान तुम - दायरे में रहने के लिए , क्या इतना काफी नहीं?

कतरा कतरा करके समंदर हो जाये - मगर कतरे को नाज़ करने की जरूरत क्या - जैसे अनेकों हैं

मिलना क्या है आप को , हमसे और हमें , आप से
हमें पसंद कि , आपमें इंसान का परिचय मिलता है